1100 गोबर के कंडों से जलेगी होली, हरित संदेश के साथ पहल

भीलवाड़ा समाचार 
भीलवाड़ा ( महेन्द्र नागौरी) शहर के पुर उपनगर में आचार्य समाज ने पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए गोबर के कंडों से होली जलाने की परंपरा को आगे बढ़ाया है। समाज द्वारा आचार्यों की हथाई के पास विधिवत स्थापना कर दी गई है।
समाज के पदाधिकारियों ने बताया कि पिछले वर्ष की तरह इस बार भी 1100 गोबर के कंडों से होली जलाई जाएगी। निर्णय लिया गया है कि हरे वृक्षों की कटाई नहीं की जाएगी और रबर के टायर जलाकर प्रदूषण नहीं फैलाया जाएगा। उद्देश्य है कि बुराई पर अच्छाई की जीत का पर्व बिना पर्यावरण को नुकसान पहुंचाए और सामाजिक सद्भावना के साथ मनाया जाए।
असामाजिक तत्वों पर प्रशासन से सख्ती की मांग
समाज ने आशंका जताई कि कुछ असामाजिक तत्व जानबूझकर हरे पेड़ काटकर या अन्य ज्वलनशील सामग्री जलाकर माहौल बिगाड़ सकते हैं। इसे देखते हुए प्रशासन को सूचित कर ऐसे तत्वों को पाबंद करवाने का निर्णय लिया गया है।
आचार्य समाज की इस पहल को क्षेत्र में पर्यावरण हितैषी कदम के रूप में सराहा जा रहा है।
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कंडो की होली की स्थापना की।

1100 कडों से होली के दिन जलाई जाएगी होली। 

पुर उपनगर पुर आचार्य समाज द्वारा पिछले वर्ष से ही पर्यावरण प्रदूषण को देखते हुए गोबर के कडों से होली जलाने का निर्णय लिया गया जिसके तहत पिछले वर्ष भी गोबर के कडों से ही होली जलाई गई।
इस वर्ष भी पर्यावरण प्रदूषण नहीं फैलाने के निर्णय के तहत तथा हरे वृक्षों की कटाई नहीं करने एवं रबड़ के टायरों से होली नहीं जलाने के निर्णय के तहत आज आचार्य समाज द्वारा आचार्यों की हथाई के पास गोबर के कडों से होली की स्थापना की गई। तथा होली के दिन 1100 कंडो से होली जलाई जाकर सामाजिक सद्भावना के तहत बुराई पर अच्छाई की जीत का त्यौहार किसी को नुकसान पहुंचाये बिना एवं पर्यावरण प्रदूषण किए बिना मनाई जाएगी। 
कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा जानबूझकर हरे वृक्षों की कटाई कर पर्यावरण प्रदूषण फैलाने एवं आसपास के घरों में नुकसान पहुंचाने तथा माहौल बिगाड़ने की आशंका के चलते प्रशासन को सूचित कर असामाजिक तत्वों को पाबंद करवाया जाने का निर्णय लिया गया।